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यूनिक सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल द्वारा 13 जून को नी एवं हिप स्क्रीनिंग कैंप
कम उम्र में भी बढ़ रहीं घुटनों और कूल्हों से संबंधी समस्याओं पर विशेषज्ञ परामर्श
इंदौर 10 जून 2026। बदलती जीवनशैली, बढ़ती उम्र और शारीरिक गतिविधियों में कमी के कारण नी और हिप से जुड़ी समस्याएं तेजी से सामने आ रही हैं। कई लोग शुरुआती लक्षणों को सामान्य दर्द समझकर नज़रअंदाज कर देते हैं, जिससे समस्या समय के साथ गंभीर रूप ले सकती है। इसी विषय पर जागरूकता बढ़ाने और लोगों को समय रहते विशेषज्ञ परामर्श उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यूनिक सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल इंदौर द्वारा 13 जून को शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक नी एवं हिप स्क्रीनिंग कैंप आयोजित किया जाएगा।
अन्नपूर्णा रोड स्थित यूनिक सुपरस्पेशियलिटी हॉस्पिटल में होने वाले इस स्क्रीनिंग कैंप में घुटनों और कूल्हों से जुड़ी समस्याओं की जांच के साथ विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा नि:शुल्क परामर्श दिया जाएगा। कैंप के दौरान आवश्यक जांच कराने वाले मरीजों को लैब एवं रेडियोलॉजी सेवाओं पर 25 प्रतिशत की छूट भी प्रदान की जाएगी। कैंप के अंतर्गत अस्पताल की कैशलेस सुविधाएं भी उपलब्ध रहेंगी। इसके अलावा ज़रूरतमंद मरीजों के लिए विशेष सर्जिकल पैकेज तथा ऑपरेशन के बाद रिकवरी और पुनर्वास को ध्यान में रखते हुए फिजियोथेरेपी पैकेज भी उपलब्ध कराए जाएंगे। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य लोगों को समय रहते सही परामर्श, जांच और उपचार संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि जोड़ों से जुड़ी समस्याओं की पहचान और प्रबंधन प्रभावी ढंग से किया जा सके।
कैंप का मुख्य उद्देश्य लोगों को जोड़ों से जुड़ी समस्याओं के शुरुआती संकेतों के प्रति जागरूक करना है। कई बार लोग घुटनों में लगातार दर्द, सीढ़ियां चढ़ने में कठिनाई, लंबे समय तक चलने में परेशानी, बैठने के बाद उठने में दर्द या कूल्हों में जकड़न जैसी समस्याओं को सामान्य मानकर अनदेखा करते रहते हैं। समय के साथ यही समस्याएं दैनिक जीवन की गतिविधियों को प्रभावित करने लगती हैं और उपचार की प्रक्रिया भी जटिल हो सकती है।
कैंप के बारे में जानकारी देते हुए यूनिक सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन डॉ. के.के. नीमा ने कहा, “नी और हिप से जुड़ी समस्याओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना आज समय की आवश्यकता है। अक्सर मरीज तब डॉक्टर के पास पहुंचते हैं, जब समस्या दैनिक जीवन को प्रभावित करने लगती है। जबकि शुरुआती चरण में पहचान और उपचार से बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। जोड़ों का स्वास्थ्य केवल बढ़ती उम्र का विषय नहीं है। आजकल कम उम्र के लोगों में भी जोड़ों से जुड़ी शिकायतें देखने को मिल रही हैं। ऐसे में लोगों को अपने शरीर के संकेतों को समझना और समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। स्क्रीनिंग कैंप इसी दिशा में एक प्रयास है, ताकि लोगों को सही जानकारी और विशेषज्ञ मार्गदर्शन मिल सके।”


